मौसम की अदला-बदली में
पवन गुलाबी हो जाती है
हाँ मैंने छूकर देखा है..
रात सरककर चलते-चलते
बिल्कुल आधी हो जाती है
हाँ मैंने छूकर देखा है..
मौसम की अदला-बदली में
गरम गुनगुनी धूप से
बात की है मैंने
पानी के बहने में
हँसी सुनी है मैंने
सब कहते हैं दीप बुझा है
लेकिन बाटी सो जाती है
हाँ मैंने छूकर देखा है..
मौसम की अदला-बदली में
बिन दस्तक के आए जो
वो प्यार सुना है
बिन बोले मन खोले
वो अधिकार सुना है
लम्हों की उंगली थाम के
यादें आँगन में आ जाती हैं
हाँ मैंने छूकर देखा है..
ठंडा ठंडा रंग बूंदों का
मुलायम रंग है फूलों का
चुभने वाले रंग पहन कर
दुल्हन सज-धज के जाती है
हाँ मैंने छूकर हाँ मैंने देखा है...
हाँ मैंने छूकर देखा है..
Gayathri Iyer, Black
पवन गुलाबी हो जाती है
हाँ मैंने छूकर देखा है..
रात सरककर चलते-चलते
बिल्कुल आधी हो जाती है
हाँ मैंने छूकर देखा है..
मौसम की अदला-बदली में
गरम गुनगुनी धूप से
बात की है मैंने
पानी के बहने में
हँसी सुनी है मैंने
सब कहते हैं दीप बुझा है
लेकिन बाटी सो जाती है
हाँ मैंने छूकर देखा है..
मौसम की अदला-बदली में
बिन दस्तक के आए जो
वो प्यार सुना है
बिन बोले मन खोले
वो अधिकार सुना है
लम्हों की उंगली थाम के
यादें आँगन में आ जाती हैं
हाँ मैंने छूकर देखा है..
ठंडा ठंडा रंग बूंदों का
मुलायम रंग है फूलों का
चुभने वाले रंग पहन कर
दुल्हन सज-धज के जाती है
हाँ मैंने छूकर हाँ मैंने देखा है...
हाँ मैंने छूकर देखा है..
Gayathri Iyer, Black